बाइबल से चयनित पद - Selected Bible verses
विषयों - Topics:
25.स्वास्थय एवं बल - Strength and Health
24.अज़ीज़ों से जुदाई - Separation From Loved Ones

प्रश्न: मैं बाईबल पढ़नी कहाँ से आरम्भ करूँ?
उत्तर: यह समझना महत्त्वपूर्ण है कि बाइबल एक साधारण पुस्तक नहीं है और न ही किसी साधारण पुस्तक की तरह उसे प्रारंभ से अन्त तक पढ़ना चाहिये। यह ६६ पुस्तकों का एक संकलन है, जो विभिन्न लेखकों द्वारा विभिन्न भाषाओं में लिखी गई। इसके दो मुख्य भाग हैं - पुराना नियम और नया नियम। पुराना नियम परमेश्वर द्वारा सृष्टी की रचना से आरंभ होता है और फिर परमेश्वर की व्यवस्था और उसकी विशेष प्रजा, इस्त्राएल के इतिहास को बताता है। नया नियम, प्रभु यीशू के जन्म से आरंभ होता है और भविष्य में होने वाले संसार के अन्त और परमेश्वर के अन्तिम न्याय तक का वर्णन बताता है। सामन्यतः बाइबल प्रथम पठन नये नियम में सुसमाचारों से आरंभ करना चाहिये। आप नये नियम की चौथी पुस्तक यूहन्ना John रचित सुसमाचार से इसे पढ़ना शुरू कर सकते हैं। यह सुसमाचार सीधा और स्पष्ट है और उद्धार की योजना से आपका परिचय कराता है तथा बताता है कि प्रभु यीशु कौन थे और उन्होंने ने क्या सिखाय़ा। इसके उपरान्त आप मरकुस Mark रचित सुसमाचार पढ़ सकते हैं जो तेज़ गति से बढ़ता है और वर्णन करता है कि प्रभु यीशु ने क्या किया। सुसमाचार (मत्ती Matthew , मरकुस Mark , लूका Luke युहन्ना John) पढ़ने से आप प्रभु य़िशु मसीह के जीवन और उसकी सेवकाई से परिचित हो जाएंगे। इसके उपरान्त आप कुछ पत्रियों - रोमियों Romans, इफीसियों Ephesians और फिलिप्पियों Phillipians का अद्धयन कर सकते हैं। यह पत्रियां सिखाती हैं कि ऐसा जीवन जिससे परमेश्वर को आदर मिले, कैसे जीया जाए। तब आप पुराना नियम पढ़ने के लिये तैयार हो जाते हैं। उत्पत्ती Genesis की पुस्तक बताती है कि परमेश्वर ने कैसे सृष्टी की रचना करी, मनुष्य, पाप में कैसे पड़ा और उस पाप का संसार पर क्या प्रभाव हुआ। निर्गमन [Exodus], लैव्यवस्था [Leviticus], गिनती [Numbers] और व्यवस्थाविवरण [Deuteronomy] पढ़ने-समझने में कुछ मुशकिल हो सकते हैं क्योंकि यह पुस्तकें परमेश्वर के उन नियमों का वर्णन करते हैं जिनका यहूदीयों ने पालन करना था। सम्भवतः इन्हें बाद में पढ़ने के लिये रखना चाहिये। भजन संहिता Psalms से लेकर सुलेमान के श्रेष्ट गीत [Songs of Solomon] तक आपको बाइबल की कविता और उसमें के व्यवाहरिक ज्ञान का अन्दाज़ा होगा। भविष्यद्वकताओं की पुस्तकें जैसे यशायाह Isaiah और दानियेल Daniel महत्त्वपूर्ण पुस्तकें हैं जिनसे मसीही विश्वास की गहराइयों, प्रभु यीशु मसीह के आगम्न और जगत के अन्त तक की बातें सीखी जा सकती हैं। नीचे, कुछ महत्त्वपूर्ण विषयों पर बाइबल से लिये गये कुछ पदों के संकलन की एक सूची आपकी सुविधा के लिये दी गयी है:

नीचे, कुछ महत्त्वपूर्ण विषयों पर बाइबल से लिये गये कुछ पदों के संकलन की एक सूची आपकी सुविधा के लिये दी गयी है:

The Holy Bible

पवित्र बाइबल बताती है परमेश्वर के मन को, मनुष्य की दशा को, पपियों के विनाश को और विश्वासियों के आनन्द को। इसके नियम पवित्र हैं, इसकी शिक्षाएं अनिवार्य हैं, इसका इतिहास सत्य है और इसके निर्णय कभी न बदलने वाले हैं। बुद्धिमान होने के लिये इसे पढ़िये, सुरक्षित होने के लिये इस पर विश्वास कीजिये, पवित्र होने के लिये इसका पालन कीजिये। इसमें आपको दिशा देखाने के लिये प्रकाश है, सहारा देने के लिये भोजन है, उत्साहित करने के लिये आश्वासन है। यह यात्री का नक्शा है, तीर्थयात्री की लाठी है, संचालक का दिशा निर्देशक है, योद्धा की तलवार है, और मसीही का अधिकार पत्र है। यहां स्वर्ग खुला मिलता है और पुनः प्राप्त होता है, और नरक के दरवाज़े प्रगट किये जाते हैं। मसीह इसका भव्य विष्य है, हमारी भलाई इसकी योजना है और परमेश्वर की महिमा इसका लक्ष्य है। इससे याद्दाश्त भरी होनी चहिये, दिल पर इसका राज होना चाहिये और पैर बढ़ाने के लिये इसे मार्गदर्शक होना चाहिये। इसे बारम्बार प्रार्थना और धैर्य सहित पढ़ें। यह खज़ानों की खान है, महिमा का स्वर्ग है, आनन्द की नदी है। यह आपको इस जीवन में दी गई है, न्याय के समय खोली जायेगी और सदाकाल तक समर्ण रखी जाएगी। यह सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है, कार्य का सबसे बड़ा प्रतिफल देती है और जो कोई इसके पवित्र विधानों से मखौल करता है उसे दोषी ठहराती है। - [GI]